Friday, January 7, 2022

पेट की चर्बी को जड़ से खत्म करने के लिए मात्र 1 हफ्ते तक गर्म पानी में डालकर पिएं यह चीज

 सामान्य रूप से शरीर में बनने वाली चर्बी से शरीर को रोगों से लड़ने की ताकत मिलती है लेकिन जब चर्बी सामान्य से अधिक बनने लगती है तो हमारा शरीर थुलथुल व मोटा हो जाता है। इस तरह अधिक चर्बी जमा होने से शरीर की अंगों की त्वचा लटकने लगती और शरीर बेडौल हो जाता है। इस तरह शरीर में अनावश्यक चर्बी बनने को मोटापा कहते हैं।Image result for पेट की चर्बी

मोटापे कारण :मोटापे की बीमारी अनेक कारणों से होती है, जैसे- अधिक मात्रा में चिकने पदार्थों (घी, मक्खन) खाना, चर्बी (फैट) वाल पदार्थ अधिक खाना, दिन भर कुछ न कुछ खाते रहना, मिठाइयां अधिक खाना, गर्म पानी से स्नान करना, अधिक मात्रा में गर्म कपड़े पहनना, हर समय आराम करना, कोई कार्य न करना, व्यायाम (एक्सरसाईज) न करना आदि।कुछ लोगों में मोटापा वंशानुगत भी होता है अर्थात जिसके माता-पिता मोटे होते हैं उसके बच्चे भी मोटे ही होते हैं। मोटापे के कारण पुरुष या स्त्री का रक्तचाप बढ़ जाता है और वायु संचरण में रुकावट महसूस होती हैं। मोटापे के कारण त्वचा फूल जाती है जिससे शरीर पूर्ण रूप से वायु ग्र्रहण नहीं कर पाता। अधिक चर्बी के कारण हृदय पर भी प्रभाव पड़ता है जिससे हृदय की गति धीमी हो जाती है।मोटापे का लक्षण :मोटापे के रोगी को पेट में भारीपन महसूस होता है, धीरे-धीरे शरीर में चर्बी की परते बनने लगती है, रोगी को चलने-फिरने का मन नहीं करता, प्यास अधिक लगती है, थोड़ी-सी मेहनत से ही दम फूलने लगता, खून में कार्बन-डाई-ऑक्साइड की मात्रा अधिक होने से शरीर में हमेशा थकावट रहती है, पसीना अधिक आता है, श्वांस लेने में परेशानी होती है, अंगों में दर्द होता है, छींके आती रहती है, शरीर से बदबूदार पसीना आता है, खून का भार बढ़ जाता है, जोड़ों में दर्द रहता है, सूजन आ जाती है, पेट बढ़ जाता है और कमजोरी आ जाती है। मोटापे के कारण मन में मोह पैदा होता है, शरीर की स्फुर्ति समाप्त हो जाती है।Image result for पेट की चर्बी

भोजन और परहेज :मोटापे से परेशान व्यक्ति को मुद्ग, जौ, मूंग का रस, मक्खन, गर्म पानी, बाजरा, गेहूं, ताजा दूध, मुनक्का, संतरा, टमाटर, मसूर, छाछ आदि का सेवन करना चाहिए। मोटे व्यक्ति को प्रतिदिन सुबह टहलना चाहिए और थोड़ी-बहुत मेहनत भी करनी चाहिए। रोगी को पतला करके दूध, फलों का रस, कॉफी, गर्म करके पीना चाहिए।
मोटापे के रोगी को गाय का दूध, देशी घी, गाढ़ी दाल, चावल, आलू, गर्म दूध, चीनी से बने पदार्थ, पनीर, आइसक्रीम, मिठाइयां, मांसाहारी भोजन, अधिक चिकनाई व चटपटा पदार्थ, सांभर, सूप, बिस्कुट, केक, नमकीन पदार्थ, जेली, मिठाइयां, बाहर का खाना, देर रात पार्टियों में खाना, नए शालि चावल आदि का सेवन नहीं करना चाहिए। शीतल पानी से नहाना मोटापे के लिए हानिकारक होता है।