Friday, January 7, 2022

जानिए वीर्य क्या है और कैसे बनता है इस तरह कभी नहीं होगी वीर्य की कमी

 


पुरुष में उत्तेजना व स्खलन के दौरान मूत्रमार्ग से निकलने वाले तरल द्रव को वीर्य कहा जाता है. यह प्रोस्टेट ग्रंथि और अन्य पुरुष प्रजनन अंगों से शुक्राणु व तरल पदार्थ ग्रहण करके बनता है. पुरुष में उत्तेजना व स्खलन के दौरान मूत्रमार्ग से निकलने वाले तरल द्रव को वीर्य कहा जाता है. यह प्रोस्टेट ग्रंथि और अन्य पुरुष प्रजनन अंगों से शुक्राणु व तरल पदार्थ ग्रहण करके बनता है. आमतौर पर वीर्य गाढ़ा एवं सफेद होता है. हालांकि, कई स्थितियों में इसके रंग और गुणवत्ता में बदलाव हो सकता है. पतला वीर्य कम शुक्राणुओं की ओर संकेत करता है. जिससे आपकी प्रजनन क्षमता प्रभावित होती है.


अगर वीर्य पतला हो गया हो, तो इस स्थिति में आप परेशान न हो, वीर्य के बारे में आपकी उत्सुकता के कारण ही आज यहां पर वीर्य के बारे में बताया जा रहा है. इसमें आप वीर्य क्या है, कैसे बनता है, वीर्य के पतलापन के कारण व वीर्य को बढ़ाने के उपाय और इसे गाढ़ा करने के घरेलू नुस्खे के बारे में जानेंगे.

वीर्य क्या है
पुरुषों में यौन इच्छा व सेक्स के अंतिम पड़ाव में स्खलन के समय लिंग से एक तरह का तरल पदार्थ निकलता है. इस तरल पदार्थ को वीर्य कहा जाता है. यह पुरुष की यौन ग्रथियों से स्त्रावित होता है. इसमें शुक्राणु मौजूद होते हैं. शुक्राणुओं के अलावा इसमें अन्य एंजाइम्स, फ्रुक्टोज (Fructose/ फलो से प्राप्त शर्करा) और प्रोटियोलिटिक (Proteolytic/ एक तरह का एंजाइम्स जो प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है) मिलें होते हैं. इन सभी के मेल से वीर्य स्वस्थ होता है और प्रजनन क्षमता में वृद्धि होती है.
वीर्य कैसे बनता है
वीर्य पुटिका (Semen vesicles/ वीर्य को बनाने वाली ग्रंथि) व प्रोस्टेट ग्रंथि से वीर्य बनता है. वीर्य पुटिका के द्वारा 65-70 प्रतिशत वीर्य बनाया जाता है. जिसमें चिपचिपे फ्रुक्टोज का निर्माण होता है. इसके बाद इसमें सफेद रंग का तरल प्रोस्टेट ग्रंथि के द्वारा स्त्रावित होकर मिल जाता है. प्रोस्टेट ग्रंथि से निकलने वाले सफेद तरल में सिट्रिक एसिड, लिपिड और फॉस्फेट मिला होता है. इससे ही वीर्य को संपुर्णता मिलती हैं.

इसके अलावा बल्बोर्रेथ्रल ग्रंथि एक तरल का उत्पादन करती हैं. यह योनि और गर्भाशय ग्रीवा में मौजूद शुक्राणु कोशिकाओं की गतिशीलता में मदद करता है. वीर्य में इस तरल का स्राव मात्र 1 प्रतिशत से भी कम होता है.
वीर्य निम्न के मिश्रण से बनता है
  • फ्रुक्टोज (Fructose) ​
  • जस्ता (Zinc, जिंक)
  • कोलेस्ट्रौल (Cholesterol)
  • प्रोटीन (Protein)
  • कैल्शियम (Calcium)
  • क्लोरीन (Chlorine)
  • रक्त समूह एंटीजन (Blood group antigens)
  • सिट्रिक एसिड (Citric acid)
  • डीएनए (DNA)
  • मैग्नीशियम (Magnesium)
  • विटामिन बी12 (Vitamin B12)
  • फास्फोरस (Phosphorus)
  • सोडियम (Sodium)
  • पोटैशियम (Potassium)
  • यूरिक अम्ल (Uric acid)
  • लैटिक एसिड (Lactic acid)
  • नाइट्रोजन (Nitrogen)
  • एस्कौर्बिक एसिड (Ascorbic acid)
  • अन्य पोषक तत्व (Other nutrients)

वीर्य पतला होने के कारण
आज के दौर में यह एक आम समस्या बन कर लोगों को परेशान कर रही है. इस समस्या का कारण निम्न है.
शुक्राणुओं की संख्या में कमी – शुक्राणुओं की संख्या में कमी वीर्य के पतला होने का सामान्य कारण होता है. इसको अल्पशुक्राणुता (Oligospermia) भी कहा जाता है. वीर्य में शुक्राणुओं की एक सामान्य संख्या पाई जाती है. बताया जाता है कि एक मिली लीटर वीर्य में करीब 15 करोड़ शुक्राणु होते हैं. इससे कम होने पर वीर्य में शुक्राणुओं की कमी माना जाता है. अल्पशुक्राणुता होने के निम्न कारण होते हैं.