काले रंग को हर धर्म में नजर दोष का रक्षक माना गया है । इस रंग को शनि देव का सूचक माना गया है । इस रंग से दोस्ती मतलब हर बुरी चीज से आप सुरक्षित । हालांकि इस रंग का प्रयोग पूजा आदि के कर्मों में वर्जित माना गया है । इस रंग का प्रयोग नकारात्मकता फैलाता है । भगवान को इस रंग का भोग, वस्त्र, आभूषण ऐसा कुछ भी अर्पित नहीं किया जाता है । लेकिन जब बात नजर दोष से बचाने की होती है तो यही काला रंग आपकी रक्षा भी करता है ।
काले धागे का महत्व हर धर्म में बहुत माना जाता है । नजर से रक्षा करने वाले इस धागे को शरीर के किस अंग पर बांधना सबसे सही होता है, आइए आपको बताते हैं ।
काले धागे का महत्व
काले रंग की खासियत ये है कि ये आपके शरीर की ऊर्जा को बाहर नहीं निकलने देता है । इस रंग के धागे को पहनने के सिर्फ धार्मिक पहलू ही नहीं है । बल्कि इस धागे को बांधने और इस रंग को धारण करने के पीछे वैज्ञानिक तर्क भी दिए जाते हैं । इस धागे को शरीर के कुछ विशेष अंगों पर बांधा जाता है । आगे आपको बताते हैं इन अंगों पर बांधने की क्या है वजह, और आप धारण करना चाहें तो कैसे पहनें ।
बुरी शक्तियों से रक्षा करता है
तंत्र चुडामणि ग्रंथ के साधनविधि अध्याय में बताया गया है कि काले धागे को पहनने से बुरी शक्तियों से बचाव होता है । ये आपको ना सिर्फ काली नजर से बचाता है बल्कि आपकी किस्मत को भी बदल शकता है । इस धागे को पहनने से आपकी सारी नकारात्मकता बाहर चली जाती है । आप पर शत्रुओं की साजिश का कोई प्रभाव नहीं होता । आगे जानिए किन जगहों पर पहनते हैं काला धागा ।
पैरों या हाथों में काला धागा
काला धागा हाथ में और पैरों में पहनाया जाता है । हाथों में काले धागे को बांधकर या फिर ब्रेसलेट की तरह नॉट बनाकर पहना जाता है । पैरों में काला धागा कई बार मसल क्रैम्प की वजह से भी पहना जाता है । ऐसा करने से पैरों में खिंचाव नहीं होता । बच्चों को हाथों में काले धागे से बने ब्रेसलेट पहनाएं जाते हैं ताकि उन पर किसी की बुरी नजर ना लगे । वो काले साए से दूर रहें ।