Thursday, January 6, 2022

ये सब्जी 3 दिन में पथरी को तो 1 दिन में गांठ को गला देती है, गठिया और बालों के लिए भी किसी वरदान से कम नही

 


तोरई या तुरई या तोरी एक प्रकार की सब्जी होती है और इसकी खेती भारत में सभी स्थानों पर की जाती है। पोषक तत्वों के अनुसार इसकी तुलना नेनुए से की जा सकती है। वर्षा ऋतु में तोरई की सब्जी का प्रयोग भोजन में अधिक किया जाता है। तोरई मीठी व कड़वी दो तरह की होती है इसकी प्रकृति ठंडी और तर होती है। उम्र से पहले बालों का सफेद होना आजकल आम बात हो गई है। इसकी वजह है लाइफस्टाइल। समय पर ठीक से ना खाना-पीना, सही से नहीं सोना, जंक फूड खाना। Image result for तोरई या तुरईआजकल हम आपको बाल काले करने का ऐसा उपाय बता रहे हैं, जो घर पर आसानी से किया जा सकता है। जी हां, तोरी को ऐसे ऐसे उपचारों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। ये दर्द देने वाले मस्से भी ठीक करती है। तुरई या तोरी एक सब्जी है जिसे लगभग संपूर्ण भारत में उगाया जाता है। तुरई का वानस्पतिक नाम लुफ्फ़़ा एक्युटेंगुला है।

तुरई को आदिवासी विभिन्न रोगों के उपचार के लिए उपयोग में लाते हैं। मध्यभारत के आदिवासी इसे सब्जी के तौर पर बड़े चाव से खाते हैं और हर्बल जानकार इसे कई नुस्खों में इस्तमाल भी करते हैं। चलिए आज जानते हैं ऐसे ही कुछ रोचक हर्बल नुस्खों के बारे में।Image result for तोरई या तुरई

तोरई या तुरई या तोरी के 14 अद्भुत फायदे :

पथरी : तोरई की बेल गाय के दूध या ठंडे पानी में घिसकर रोज सुबह के समय में 3 दिन तक पीने से पथरी गलकर खत्म होने लगती है।
फोड़े की गांठ : तोरई की जड़ को ठंडे पानी में घिसकर फोड़ें की गांठ पर लगाने से 1 दिन में फोड़ें की गांठ खत्म होने लगता है।चकत्ते : तोरई की बेल गाय के मक्खन में घिसकर 2 से 3 बार चकत्ते पर लगाने से लाभ मिलता है और चकत्ते ठीक होने लगते हैं।पेशाब की जलन : तोरई पेशाब की जलन और पेशाब की बीमारी को दूर करने में लाभकारी होती है।आंखों के रोहे तथा फूले : आंखों में रोहे (पोथकी) हो जाने पर तोरई (झिगनी) के ताजे पत्तों का रस को निकालकर रोजाना 2 से 3 बूंद दिन में 3 से 4 बार आंखों में डालने से लाभ मिलता है।Image result for तोरई या तुरई
बालों को काला करना : तुरई के टुकड़ों को छाया में सुखाकर कूट लें। इसके बाद इसे नारियल के तेल में मिलाकर 4 दिन तक रखे और फिर इसे उबालें और छानकर बोतल में भर लें। इस तेल को बालों पर लगाने और इससे सिर की मालिश करने से बाल काले हो जाते हैं।डायबिटीज़ में फायदा : तुरई में इंसुलिन की तरह पेप्टाइड्स पाए जाते हैं। इसलिए सब्ज़ी के तौर पर इसके इस्तेमाल से डायबिटीज़ में फायदा होता है।दाद, खाज और खुजली से राहत : तुरई के पत्तों और बीजों को पानी में पीसकर त्वचा पर लगाने से दाद, खाज और खुजली जैसे रोगों में आराम मिलता है। वैसे ये कुष्ठ रोगों में भी हितकारी होता है।पेट दर्द दूर होता है : अपचन और पेट की समस्याओं के लिए तुरई की सब्जी बेहद कारगर इलाज है। डांगी आदिवासियों के अनुसार अधपकी सब्जी पेट दर्द दूर कर देती है।Image result for तोरई या तुरई