टेलीविजन पर दो एड बहुत देखने को मिलते हैं. पहला मोटापा कैसे कम करना है और दूसरा लंबाई कैसे बढ़ानी है. जिन लोगों की लंबाई कम होती है वे कहते हैं कि यह जेनेटिक प्रॉब्लम है. कुछ हद तक इसमें सच्चाई भी है. कद का छोटा या बड़ा होना हार्मोन्स पर निर्भर करता है. मेडिकल साइंस का मानना है कि 18 साल की उम्र के बाद लंबाई रुक जाती है. लेकिन कई ऐसे कारण हैं जिसकी वजह से कद काठी की लंबाई प्रभावित होती है. लंबाई रुक जाने की स्थिति में एक्सरसाइज मददगार साबित होगा. सही डाइट, फिजिकल एक्सरसाइज और लंबाई बढ़ाने वाली एक्सरसाइज का बहुत लोगों ने फायदा उठाया है. आगे पढ़िए कुछ ऐसी ही एक्सरसाइज के बारे में जिनसे आपको लंबाई बढ़ाने में मदद मिलेगी.
स्कीपिंग और बास्केटबॉल
आजकल के बच्चे फिजिकल एक्सरसाइज बिल्कुल भी नहीं करते हैं. स्कूल और ट्यूशन के अलावा उनका ज्यादातर वक्त स्मार्टफोन पर गुजरता है. ऐसे में उनके शरीर का विकास रुक जाता है. रस्सी कूदने से लंबाई बहुत तेजी से बढ़ती है. रस्सी कूदने के दौरान ब्लड सर्कुलेशन तेज हो जाता है जिससे हड्डियों पर प्रेशर पड़ता है और वह फैलता है. हड्डियों के फैलने से शरीर का विकास होता है और लंबाई बढ़ती है. इसलिए अपने बच्चे को रोजाना एक्सरसाइज जरूर करवाएं.
साइड बेंड
संसाधनों के विस्तार से जिंदगी आरामदायक हो गई है. ज्यादातर काम बैठे-बैठे हो जाते हैं जिससे शरीर को हिलाना भी नहीं पड़ता है. कुछ दशक पहले बच्चे चलकर स्कूल पहुंचते थे, लेकिन अब स्कूल बस घर तक पहुंचने लगी है. किसी काम के लिए शरीर को झुकाने की भी जरूरत नहीं होती है जिसकी वजह से हड्डियां कमजोर रह जाती है और लचीलापन वक्त के साथ घटने लगता है. ऐसे में लेफ्ट और राइट की तरफ शरीक को झुकाने से हड्डियां मजबूत होती है और उसमें लचीलापन भी आता है. लंबाई तभी बढ़ेगी जब हड्डियां लचीली होंगी, इसलिए रोजाना 5 मिनट बेंड एक्सरसाइज जरूर करें. ऐसा करने से शरीर फ्लेक्सिबल होगा और शरीर का विकास तेजी से होगा